10 pratinidhi kahāniyām̐

Front Cover
Kitabghar Prakashan, 2006 - Hindi fiction - 143 pages
0 Reviews
Selected short stories.
 

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
4
Section 2
5
Section 3
13
Section 4
41
Section 5
58
Section 6
72
Section 7
93
Section 8
103
Section 9
109
Section 10
113
Section 11
124

Common terms and phrases

अपनी अपने अब इस उठी उस उसका उसकी उसके उसने उसी उसे एक ऐसा ऐसी और और न कबीर कभी कर करता करते करने कहा कहीं का काम कि किसी की के लिए के साथ को कोई क्रिया क्रिसी खातिर गई गए गया चोर चोल छोती जब जा जाए जागे जाता जाती जाते जाने जाप जाया जैसे जो जोधपुर जोर ज्यादा तक तब तरह तुम तू तो था थी थे दलित दिन दिया देखा देता देर दो नजर नहीं है ने पकी पर पानी पाले पास फकत फिर बने बया बसे बात बाद बोता भाई भी भीतर मन मानो मुझे में में ही मेरा मेरी मेरे मैं यदि यया यर यल यह यहीं या ये रहे राजा रानी राम लगी ले वह वे सकता सब समझ समय सामने सिकन्दर सिर से सोने हाथ ही नहीं हुआ हुई हुए है तो हैं हैक्टर हो तो होगा होता होती होते होने

Bibliographic information