Gīta mere svara tumhāre

Front Cover
Sāhitya-Saṅgama - 64 pages
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

5 other sections not shown

Common terms and phrases

अगर अधरों अन्तर अपनी अपने अब आँखों आँसू आकर आज इस इसलिए उस एक एवं ऐसा और कभी कर दो करता करना कहता कहो का विश्वास काजल काव्य कि की कुछ कैसे को कोई क्या देगा क्या है गंगा गागर गीत मेरे स्वर गीतों का छाया जब जहाँ जा जाए जाने जिस जी जीवन का जो तन ताजमहल तुक तुम तुम्हें तेरे तो दर्पण दुनिया दो नयनों के नहीं होता ने पत्थर पनघट पर पलकों पहले प्यास प्राण फिर बन बना बने बहुत बिहार भर दो भी मत मन का मन के मानसरोवर मुझको में में हो मेरा मेरी मेरे मन मेरे स्वर तुम्हारे मैं यदि यमुना यह यहाँ रहा है रही रहीं रहे रूप ले लेकिन वह वीणा शहनाई श्री सचमुच सरगम साँसों सावन से कह देना सो हर ही हूँ है है हैं हो गई होता है

Bibliographic information