Ghagh Aur Bhaddari Ki Kahawatein

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Diamond Pocket Books (P) Ltd., Jan 1, 2006 - 96 pages
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this book is just great, though more research is needed.

Common terms and phrases

अकाल अच्छी होती अधिक अन्न अपने अब अमावस्या अर्थात् अल आकाश आगे उगे उत्तरा उमर उस उसे एक कम कर करता करने कहते है कि का किसान की के के लिए को खाघ खाय खुदी खेत खेत में खेती गया गुरुवार घर चना चलने चले तो चार चाहिए चीज छोर जब जल जा जाए जाता है जाती जाय जाहिर जैल जो झा तक तथा तब तीन तीनों दिन दो दोनों धन धर धान नक्षत्र नक्षत्र में नहीं ने पर पल पवन पानी पैदावार पोर बदल बने बरखा बरसे बल बहुत भइली भर भादों भी मंगल मंगलवार ममय माय मास मुख में मैं यई यदि यब यम यमन यर यल यह या यानी ये रबी रविवार रा राजा रात वर्ग वर्मा वल वसा वह वहीं शनि शनिवार से सोमवार हल हवा ही हुआ हुई है और हैं हो तो होगा होगी होता होती है होते होने होय होया

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