Hasta-Rekha Vigyan

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Motilal Banarsidass Publishe, Jan 1, 2001
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GGGGGGGGGGGGG

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very good review SEEN by dr k p singh
senior cardiologist
MEDANTA HEART INSTITUTE,
GURGAON,NCR DELHI,HARYANA
9818110832
9868570332
drkpsingh10@gmail.com
 

Common terms and phrases

अधिक अनामिका अन्त अन्य अर्थात् अशुभ आदि इस उँगलियों उन्नत उपर्युक्त उस उसके ऊपर एक ऐसा व्यक्ति ऐसी ऐसे कम कर करता है करना करने का लक्षण है किन्तु किन्तु यदि किसी की ओर की तरह कुछ के कारण के नीचे को कोई क्षेत्र गया है चाहिये छोटी जाता है जाती जिस जीवन जीवन-रेखा जो तक तथा तर्जनी तिल तो ऐसा दो दोनों न हो नहीं नहीं होता पर पर्व पुराण पुरुष पैर प्रकट प्रकार प्रथम प्रभाव प्राप्त प्रेम फल बहुत बीच भाग भाग्य-रेखा भी मध्यमा मनुष्य यदि यह या ये रंग रेखा रेखाओं रोग रोम लम्बी लिये वह वाला वाली वाले विचार विवाह विशेष वृहस्पति वे शनि शरीर शीर्ष-रेखा शुभ लक्षण सफलता सिर सुन्दर सूर्य-रेखा स्थान हाथ में ही हुआ हुई हुए हृदय-रेखा है और है कि हो और हो तो हों होगा होगी होता है होती होते हैं होना होने से

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