Manobodha: manako sambodhita ślokoṃ kā Hindī anuvāda

Front Cover
Lakshmī Devī Vyāsa, 1979 - 146 pages
0 Reviews

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3

Other editions - View all

Common terms and phrases

अनुभव अनेक अपने अर्थ अर्थात् आता आत्मा आहे है इस इसका इससे इसीलिए ईश्वर उनके उस उसका उसके उसको उससे एक ऐसा ऐसी ओर और कभी कर करके करता है करते करना करनेसे करेगा करो कल्पना कहते हैं कि कहा का किन्तु किया की कुछ के केवल कोई कोण क्या गणेश गया चाहिए छोड़कर जगी जनी जप जब जावा जो ज्ञान तथापि तब तया तुम ते तो तो भी दर्शन दास देखते देव देवकी दो धन्य नष्ट नहीं है ना नाम नामका नाहीं परमेश्वर परी प्रकार ब्रह्म भक्त भक्ति भी मन मनी में मैं यह या रहता है राम रामका रामदास कहते हैं रूप रे लिए लोग वह वे वैसे संत संभाषण सत्य सदा सब समय सर्व साथ हा ही हुवा हुवे हूँ है ऐसे है कि है मना है है हैजे हो तो हो सकता है होकर होगा होगी होता है होती होते होना होनेसे

Bibliographic information