Sex Aur Pati Patni

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Diamond Pocket Books (P) Ltd. - 159 pages
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Contents

मानयजीवन और यश
11
विवाह है पूना
19
एती तभी पुल के शीनाग
32
झातिया कामयवहार
39
उदाम्पत्य जीवन को प्रत्यय फमश्यग्रए
85
परिय२निछोजन
91

Common terms and phrases

२नप अधिक अपनी अपने इन इफ इस इसके इसलिए उन उनके उन्हें उफ उस उसके उसे एक एव का काम कारण किसी की के बाद के लिए के समय केवल को कोई गर्भाशय गोदने गोल घर चाहिए जब जा जाते हैं जाने जिया जिस जी जीवन जो तक तथा तव दिन दिनों दूध दूसरे देती है दो दोनों द्वारा नहीं है नहीं होती ने पकाए पति पति के पत्नी पत्नी के पर परों पाता पाती पुल के पैदा प्राप्त बन बने बहुत ही बहे बात बार भी मानसिक में में ही यथा यदि यने यम यमन यया यर यल यस यह या रची रहे रो रोग लगता है लगती लिग ले लेकिन वने वह वाले विवाह वे शरीर शरीर में शारीरिक सती समता सम्भोग से स्तनों ही नहीं हुए है और है कि है जि है तो हो जाता है हो जाती होता है होती होते हैं होने

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