हिन्दू विजय - युग प्रवर्तक

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Suruchi Prakashan - Philosophy - 310 pages
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The Indian history is a galaxy of   great emperors,  valiant  warriors  and  competent rulers.  One such gem shining  in the Indian Hall of fame  is Chhatrapati Shivaji.  He emerged at a time when  the  Hindus and Hindu Dharma  were experiencing abject  humiliation  and  subjugation  under the tyrannical   and  brutal  Muslim rulers.  Shivaji possessed talents of the highest order. He stood upto injustice and  oppression,  took up the challenge and  showing  supreme  courage  and  gallantry,  fought  the  Moghul rulers  and established  Hindu Swarajya.  By virtue of  the high moral values  imbibed from his mother and determination to protect Hindu Dharma Shivaji commanded the highest respect and loyalty from his subject. The book is about Shivaji’s  distinguished  prowess, amazing  values and  heroic deeds

 

 

 

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