Sanjivani Vidya

Front Cover
Suruchi Prakashan - 74 pages
0 Reviews
 

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Selected pages

Common terms and phrases

अत अपना अपनी अपने अब अर्थ अर्थात् अश्वत्थामा आचार्य इन इस प्रकार इसी उनका उनके उन्होंने उस उसका उसकी उसके उसको उसने उसी उसे ऋण एक एवं ऐसा ऐसे ओर और कच कर करता है करते करना कहा का काम कार्तिकेय किया किसी की कुछ के कारण को कोई क्या गई गये चाहिए जब जाता है जाने जिस जीवन जो तक तथा तब तो त्रिशंकु था थी थे दिया दुर्वासा द्वारा धर्म नहीं है नाम ने पर परन्तु परिवार प्रकार के प्राप्त प्रारम्भ फिर बार भारत भी मन मनुष्य महाभारत मार्ग में में ही मैं यह यह बात यहाँ यही या रहा राज्य लोग लोगों वर्णन वसिष्ठ वह वाला वाले विश्वामित्र विष्णु वे व्यक्ति शुक्राचार्य संजीवनी संजीवनी विद्या सकता है सब समय समाज समाज का साथ सुख से स्वयं ही ही नहीं हुआ हुए हूँ है और है कि हैं हो गया होकर होगा होता है होती होते होने

Bibliographic information