Pt. Deendayal Upadhyaya Vichar Darshan - Part - 1

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Suruchi Prakashan, Dec 1, 2016 - 193 pages
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 Dattopant Thengadi, a  nationalist  thinker and visionary  known for his high calibre, sharp intellect and  deep analytical  acumen  possessed  one of the most  relevant  and  authentic  observations  about  major  issues confronting the nation.  The book bears a testimony to his expert views on two vital areas - one,  modernisation  without  westernisation  and  second,  the inherent superiority  and  comprehensive  suitability  of  our  economic  theories  vis-a-vis  Western  school of thought.

 

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