Smr̥tiyoṃ kī dharohara

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Alekh Prakashan, 2007 - Authors, Hindi - 167 pages
Reminiscences of the Hindi author of his friends and associates; includes discussion with them on 20th century Hindi literature.
 

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Contents

Section 1
5
Section 2
7
Section 3
16
Section 4
20
Section 5
25
Section 6
30
Section 7
36
Section 8
41
Section 15
92
Section 16
95
Section 17
101
Section 18
106
Section 19
114
Section 20
125
Section 21
128
Section 22
132

Section 9
45
Section 10
51
Section 11
57
Section 12
67
Section 13
77
Section 14
84
Section 23
135
Section 24
144
Section 25
147
Section 26
151
Section 27
155
Section 28
160

Common terms and phrases

अंग्रेजी अनेक अपना अपनी अपने अब आए आगरा आप आया इम इलाहाबाद इस उई उत्तर उन उनका उनकी उनके उनको उनसे उन्हें उन्होंने उसके उसे एक और कई कभी कम कर करने कवि कविता कहा का कारण कि वे किमी किया किसी की कुछ के बाद के लिए को गई गए गुजरात गोल घर चाय जब जा जाने जी जीवन जो तक तब तो था था कि थी थे दिया दिल्ली दो दोनों नहीं नहीं है नाम ने पता पत्र पर पहले पाले पुस्तक फिर बताया बने बात बातचीत बार भारत भी भेट भेरी मन मिला मिश्र मिश्रजी मुझे में में उनके मेरा मेरी मेरे मैं मैने यदि यया यर यह यहीं या याद रहे थे राय लगभग लगा लगे लिखा लिया लेखक वने वह वहीं विश्वविद्यालय वे व्यक्ति शर्मा संस्मरण से हम हिदी ही हुआ हुई हुए है और है कि हैं हो गया होता होते होने

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