Prācīna Bhāratīya pratimā-vij˝āna evaṃ mūrti-kalā

Front Cover
Viśvavidyālaya Prakāśana, 1998 - Hindu sculpture - 415 pages
0 Reviews
Reviews aren't verified, but Google checks for and removes fake content when it's identified

From inside the book

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
12
Section 2
57
Section 3
86
Copyright

16 other sections not shown

Common terms and phrases

अंकन अधिक अनेक अन्य अपने आकृति आदि इन इस ई० उत्कीर्ण उनके उसके ऊपर एक एवं ओर कमल कर करते करने कला कला में का का उल्लेख का निर्माण काल किन्तु किया गया है किया जाता किया है किये की कुछ के अनुसार के रूप में के साथ को गई गये चक्र जाता है जिसमें जो तक तथा था थी थे दाहिने दिया देवता देवी दो दोनों द्वारा धर्म धारण नहीं निर्मित नीचे ने पर परम्परा परशुराम प्रकार प्रतिमा प्रतिमा में प्रतिमाएँ प्रतिमाओं प्रदर्शन प्रदर्शित किया गया बुद्ध भाग भारत भारतीय मथुरा महोदय मुद्रा में मूर्ति मूर्तियाँ मूर्तियों में में प्रदर्शित में भी यह युग लिये वराह विष्णु वे शती शरीर शिल्प शिव शैली संग्रहालय समय सिर सूर्य से प्राप्त स्थित स्पष्ट हाथ में हाथों में ही हुआ है हुई हुए हुये है और है कि हैं हो होता है होती होने Indian

Bibliographic information