Commonman Narendra Modi

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Prabhat Prakashan, 2014 - Economic development - 339 pages
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 एक सौ पच्चीस करोड़ नागरिकों की महान् विरासत वाले भारत की जर्जर हालत से त्रस्त आमजन परिवर्तन की ललक में सिर्फ एक व्यक्तित्व पर टकटकी लगाए हुए हैं। एक मामूली किसान से लेकर उद्योगपति और विद्यार्थियों सहित लाखों लोग उनसे प्रभावित हुए हैं तथा भ्रष्टाचार-मुक्त, महँगाई-मुक्त, समर्थ तथा सुदृढ़ भारत के निर्माण के उनके अभियान में शामिल हुए हैं। उन्होंने खुद को एक विकास-पुरुष सिद्ध किया है। विरासत या भाग्य की बदौलत मिली सत्ता के कारण नहीं, बल्कि अनगिनत संकटों और संघर्षों के बीच विकास करके उन्होंने आज लाखों लोगों का दिल जीत लिया है।

ऐसे राष्ट्रनायक नरेंद्र मोदी को जानने-समझने की जिज्ञासा-उत्कंठा जन-जन में है। कठोर शासक कहे जानेवाले नरेंद्र मोदी अत्यंत कोमल हृदय के व्यक्ति हैं। उनका हृदय हमेशा पीडि़त-शोषित और अभावग्रस्त लोगों के कल्याण हेतु व्यथित रहता है। कुशल शासक, संगठक, प्रभावी वक्ता, कवि-लेखक-विचारक और दृष्टा जैसे अनेक गुण उनमें कूट-कूटकर भरे हैं।

यह पुस्तक नरेंद्र मोदी का जीवन चरित्र नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को रेखांकित करने का प्रयासभर है। इसमें नरेंद्र मोदी के जीवन के महत्त्वपूर्ण पड़ाव, व्यक्तित्व, राष्ट्रनिष्ठा कार्यक्षमता और विजन—ये पाँच बिंदु तो हैं ही, साथ ही सबसे महत्त्वपूर्ण भाग है, नरेंद्र मोदी के जीवन और व्यक्तित्व पर केंद्रित उनका साक्षात्कार। इस साक्षात्कार में नरेंद्र मोदी ने अपने बचपन, संन्यासी बनने की घटना, प्रचारक जीवन, अपनी पसंद-नापसंद, मुख्यमंत्री बनने की घटना और अपने विचार एवं स्वप्न जैसे ढेरों सवालों पर बेबाकी से जवाब दिए हैं।

 

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Selected pages

Contents

चुनौतियों से संघर्ष की चुनौती
259
नरेंद्र मोदी से साक्षात्कार
273
क्या कहते हैं लोग मोदी के बारे में मोदी पर कुछ विचार
322

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Common terms and phrases

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About the author (2014)

 कर्मठ और सतर्क पत्रकार। सही मायने में राष्ट्रवादी समाजकर्मी। दिव्य भास्कर के लोकप्रिय रविवारीय स्तंभ ‘सोशल नेटवर्क’ के स्तंभकार। पारिवारिक पत्रिका ‘सूर्य नमस्कार’ के संचालक, प्रकाशक एवं प्रधान संपादक।

‘स्वामी विवेकानंद’, ‘राष्ट्रीय घटनाचक्र’, ‘आरएसएस का लक्ष्य’, ‘डॉ. बाबासाहब आंबेडकर’, ‘सफलता का मंत्र’ आदि अनेक प्रसिद्ध पुस्तकों के लेखक। ‘सामाजिक समरसता’ एवं ‘आपणा नरेंद्रभाई’ जैसी सैकड़ों पुस्तकों सहित श्री नरेंद्र मोदी के आलेखों और प्रवचनों का भी संपादन।

सन् 1999 में प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी के साथ लाहौर बस यात्रा के सहयात्री। ‘पाञ्चजन्य नचिकेता सम्मान’ एवं ‘प्रतापनारायण मिश्र युवा साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित।

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