Janmaang Phala Vichara

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Motilal Banarsidass Publishe, 2000
 

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Contents

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Section 2
Section 3
Section 4
Section 5
Section 6
Section 7

Common terms and phrases

अंश पर अधिक अपने अष्टमेश इस उत्तम उस एक एकादशरथ एवं और कभी कर करते करना करने में कष्ट कहते हैं का योग कि किन्तु किसी की आदत की आयु में कुछ के जन्नत में के लिए के साथ केतु केतु हो तो को कोई गुरु हो तो ग्रह चन्द्र हो तो चन्द्रमा चाहिए जब जाता है जीवन में जो तक तथा दक्ष दिन देने दोनों नक्षत्र नहीं पर पुरुष के जन्नत प्रकार प्राप्त प्राय फल बुध भाव में भी मंगल मंगल हो तो में चतुर में रुचि में हो यदि यह या रहेंगे रहेगा रहेगी राशि राशि में राहु राहु हो तो रोग लग्न वर्ण वर्ष की आयु वाले विचार विशेष शनि शनि हो तो शरीर शुक हो तो शुभ सत्रों के सफल सफलता सभी समय सम्बन्ध सुन्दर सूर्य से स्वभाव ही हेतु है है होंगी होकर होगा होगी होता है होती होते हैं होने

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