Harshacaritam (5-8 Ucchwas) Bhag 2

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Motilal Banarsidass Publishe
This book is a manual of practical astrology designed to enable the reader to handle queries relating to various facets of everyday life successfully.
 

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Contents

Section 1
Section 2
Section 3
Section 4
Section 5
Section 6
Section 7
Section 8
Section 10
Section 11
Section 12
Section 13
Section 14
Section 15
Section 16
Section 17

Section 9

Common terms and phrases

अत अति अत्र अथ अथवा अधि अन्यत्र अपने अपि अब अर्थात् अव अह इति यावत् इत्यमर इत्यर्थ इन्द्र इब इव उपरि उसके उसे एक एव एवं और कर करता करते करने का किन्तु किया किये की तरह कुछ के कारण के लिए को क्या गई गए गया जल जा रहे जाता जाने पर जैसे जो तक तत् तथा तब तया तस्य तस्या तु ते तेज तेन तै तो दिया देने द्वारा नहीं नाम ने पर पिता पृथिवी बना बने भाव भी मन मानो मानों मुख में यत् यदि यम यया यस्थिन् यस्य यस्य स यस्या यह या यानि ये येन येषां रखे रहा था रहा है रही रहीं थी रहे थे राजा ले वह वा वाला वाली वाले शरीर शेष शोक सभी समय समूह सह सा साथ सूर्य से हर्ष हर्षवर्धन हि ही हुआ हुई हुए हृदय है है कि हैं हो होता होने

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