Tarka Samgraha-Annambhatt Pranit (Swapogya Vyakhya Tarkadeepika Sahit)

Front Cover
Motilal Banarsidass Publishe, 1998
of immense use and value for students, research scholars, doctors and
 

What people are saying - Write a review

We haven't found any reviews in the usual places.

Contents

Section 1
Section 2
Section 3
Section 4
Section 5
Section 6
Section 7
Section 8
Section 11
Section 12
Section 13
Section 14
Section 15
Section 16
Section 17
Section 18

Section 9
Section 10
Section 19

Common terms and phrases

अत अता अनुमान अन्य अभाव अर्थात् आकाश आत्मा इति इन इस प्रकार इसका उत्पन्न उदाहरण उस एक ऐसा कणाद कर करण करते करने कहना कहा का अर्थ कारण कार्य किन्तु किया किसी की कुछ के के अनुसार के लिए केवल को कोई गया है गुण घट चाहिए जब जाता है जाति जैसे जो ज्ञान तथा तर्क तीन तो दर्शन दिया दी दूसरे दो दोनों द्रव्य द्वारा नही नहीं है नित्य ने नैयायिकों पक्ष पदार्थ पदार्थों पर पहले पृथ्वी प्रकार का प्रत्यक्ष प्रथम प्रमाण भी भेद मन मानते हैं माना में यदि यह यहां या ये रहता है रूप में लक्षण वह वाक्य विशेष विषय वे वैशेषिक व्याप्ति शब्द संयोग सकता है सकते सभी समवाय सम्बन्ध में साथ साध्य से हम ही हेतु है और है कि है किन्तु है क्योंकि है है हैं हो होगा होता है होती होते होना होने

Bibliographic information