1857 Itihas Kala Sahitya

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Rajkamal Prakashan, Jan 1, 2007 - India - 287 pages
Contributed articles chiefly on the sepoy rebellion of 1857 against the British rule in India; includes articles on literature and arts during this period; some translated from Urdu.
 

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Selected pages

Contents

नये नज़रिये से देखने की ज़रूरत मौलाना अबुल कलाम आजाद
3
की धरोहर कीती जीहाँ
11
राष्ट्र राष्टीय चेतना और 1857 का विद्रोह बीती स्यादेवै
20
इतिहास दृष्टियों का नया आकलन सव्यसाची भट्टस्वायं
37
विद्रोह विवाद रजतकात है एवं नुकुर चौधरी
45
एक विश्लेषण फीकी शुक्लक्र
52
हरियाणा में प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम सूरजभान
59
की आर्थिक पूष्ट्रभूति गिरप्रेशमिश्र
67
एक मूल्यांकन नलिनी तनेजा
80
की स्मृति का अर्ध तीतग्राम टोहुटी
92
और हिंदी सिनेमा जर्क्समल्ल पारख
100
बगावत के दौर की बन्नाकातेयों एसा फी वमाँ 1 15
123
हिंदुस्तान की बगावत कविता के रचयिता अर्नेस्ट जिस पल्लव सेन गुप्त
131
अर्नेस्ट उक्ति की कविता हिंदुस्तान की बगावत के कुछ अंश अरुण कमल
139

Common terms and phrases

अंग्रेजी अपनी अपने अब अवध आज इतिहास इन इस इस तरह इसके इसी उनकी उनके उन्हें उन्होंने उर्दू उस उसकी उसके उसने उसे ऐसा ऐसे और कंपनी करते करना करने के कहा कहीं का कारण किसी की कुछ के बाद के बीच के रूप में के लिए के साथ को कोई क्रिया गया है गयी गये जनता जब जा जाता है जाती जाते जाने जाये जिस जी जैसे जो तक तथा तो था था कि थी थीं थे दिल्ली दी दो द्वारा नहीं ने पटना पर पाले प्रेमचंद फिर बगावत बहुत बात बादशाह बिहार बी ब्रिटिश भारत भारतीय भी में भी मैं यया यह यहीं या ये रहा रही रहे थे राज राष्टीय लखनऊ लिखा लिया लेकिन लोग लोगों वह वाले विद्रोह वे सकता सब समय सरकार सामने सिपाहियों से सेना हम हमारे हिंदी ही हुआ हुई हुए है और है कि हैं हो गया होता होती होने

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