Gaṇita śāstra ke vikāsa kī Bhāratīya paramparā

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Motīlāla Banārasīdāsa, 2006 - Mathematics - 410 pages
Study of ancient Hindu mathematics based on mythological texts.

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अज्ञात अत अथवा अन्य अनेक अर्थात् आदि आर्यभट इन इम इस प्रकार है इसका इससे इसे उदाहरण उस एक और कर करके करते हुए करने के लिये करने पर कर्ण का का मान किया गया किया है किसी की कुल के अनुसार के लिये के साथ को कोटे खुद गणित गणितज्ञ गया है गुणक गुणनफल चतुहुंज जा जि जैसे जो तथ तथा तवा तो द्वारा दोनों धन नहीं नाम नियम ने पकी पद परिमाप प्र प्रकट प्रकार के प्रदान प्रमाण प्रयोग प्रस्तुत प्राचीन प्राप्त होता है पृ ब्रह्मगुप्त बीजगणित भाग भास्कराचार्य ने भी भुज भुजा भुजाओं मान में यम यर यह यहाँ या रा राशि रूप में लम वने वह वा वाले विफल वे वेद शब्द शेष समकोण समीकरण समीकरण के संक्रमण संक्रिया संख्या संख्याओं सिद्ध सूद सूर से हल ही है कि हैं हो होती होते होने

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