Ādipurāṇa, Volume 1

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Bhāratīya J˝ānapītḥa, 1963 - Jainism

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Contents

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1
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Common terms and phrases

१० ११ १२ १३ १४ ५० अ० अत्यन्त अथवा अनेक अन्य अपनी अपने अर्थात् आदि आप इति इन इस प्रकार इसके इसलिए उत्पन्न उन उनके उन्हें उस उस समय उसका उसकी उसके उसे एक ऐसा ऐसे कर करता करते हैं करना करने करनेवाले कारण किया किया है किये किसी की कुछ के कोई क्योंकि गया है गयी गये चाहिए जब जाता है जिस प्रकार जीव जो तक तथा तब तो था थी थीं थे द० दिया देव दोनों द्वारा धारण नहीं नहीं है नाम परन्तु पहले पुत्र प्राप्त बहुत बाद भी म० मानो मालूम में मैं यदि यह ये रचना रहा है रही रहे राजा ल० लिए वर्णन वह वे शरीर शोभायमान स० सकता सब समय समस्त समान सहित साथ सिद्ध से ही हुआ हुई हुए हे है और है कि हैं हो हों होकर होता है होती