Bhartiya Sena Ka Gauravshali Itihas

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Prabhat Prakashan, Jan 1, 2009 - India - 543 pages
भारतीय सेना का गौरवशाली इतिहास

भारतीय सेना का इतिहास विशिष्ट, उच्च कोटि का और गौरवशाली रहा है। भारतीय सैनिकों के शौर्य, साहस, पराक्रम एवं बलिदान की गाथाएँ सदियों से गाई जाती रही हैं। वे गाथाएँ इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित हैं। शौर्य व साहस के अतिरिक्त भारतीय सेना सैन्य धर्म एवं चरित्रगत आचरण के लिए भी जानी जाती है।

बारहवीं शताब्दी से लेकर अब तक—फिर चाहे वह पृथ्वीराज चौहान, राजा पोरस, राणा साँगा, महाराणा प्रताप या शिवाजी के नेतृत्व में लड़ी हो अथवा प्रथम व द्वितीय विश्वयुद्ध में ब्रिटिश सेना के झंडे तले या स्वतंत्रता के पश्चात् उसने चीन व पाकिस्तान के साथ युद्ध लड़ा हो—उसका इतिहास सैन्य दृष्टिकोण से उज्ज्वल और गौरवपूर्ण रहा है।

भारतीय सेना के परंपरागत, चारित्रिक और सैद्धांतिक मूल्यों का समावेश करते हुए इसके सैनिकों द्वारा समय-समय पर प्रस्तुत सैन्य आदर्शों का विवरण इस पुस्तक में प्रस्तुत है। सेना के विशिष्ट व उच्च अधिकारियों द्वारा वर्णित यह गौरवशाली गाथा पुस्तक में दिए गए सैकड़ों जीवंत चित्रों के द्वारा और भी रोचक, रोमांचक व प्रामाणिक बन पड़ी है।

यह पुस्तक भारतीय सेना, उसके विकास एवं विस्तार तथा राष्ट्रीय विकास में उसके योगदानों के संबंध में पाठकों के लिए संक्षिप्त, विश्लेषणपरक और प्रामाणिक जानकारी प्रस्तुत करती है। भारतीय सेना के आरंभिक काल से लेकर आज तक के इतिहास को सँजोए यह पुस्तक स्वयं में अद्भुत एवं अनुपम प्रस्तुति है।

 

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Selected pages

Contents

आरंभ एवं विकास
23
विश्वयुद्ध और स्वतंत्रता की पृष्ठभूमि
61
भारत का विभाजन और 1947 का भारतपाक युद्ध
109
स्वतंत्र भारत की सेना और उसका सुदृढ़ीकरण
151
सन् 1962 और 1965 के युद्ध
177
सन् 1971 का भारतपाक युद्ध और बँगलादेश का उदय
216
परीक्षा की घड़ियाँ
276
विद्रोही गतिविधियाँ और आंतरिक सुरक्षा
321
संयुक्त राष्ट्र के शांतिस्थापना अभियानों में भारत की भूमिका
375
खेल एवं साहसिक गतिविधियाँ
390
चारित्रिक गुण आदर्श एवं प्रशिक्षण 4 14
460
भावी संभावनाएँ
473
परिशिष्ट2
509

Common terms and phrases

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