मोना महादेव की: Mona Mahadev Ki

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Book Bazooka Publication, Apr 28, 2023 - Religion - 220 pages

महादेव की होना ही अब मोना होना है - शिवोहम भाव अर्थात वो मैं हूँ का भाव अब जीवन का सारांश है।

पुस्तक में मोना ने अपने जीवन में शिवोहम भाव पर अपने अनुभवो को बताने की कोशिश की है। आशा है आप लोग लेखिका के ईश्वर के प्रति भावो को समझने का और प्यार देने का प्रयास करेंगे।

 

Contents

Section 1
1
Section 2
15
Section 3
25
Section 4
35
Section 5
42
Section 6
77
Section 7
112
Section 8
122
Copyright

Common terms and phrases

अनुभव अपने आप आपको इसे ईश्वर उनके उस उसके उसे एक कर करता है करती करते करना करने से करें कहा का किया किसी की कुछ कृष्ण के रूप में के लिए के साथ कोई क्या गया घर चाहिए जब जाता है जाती जी जैसे जो तरह तीन तुम तो था थे दिन ध्यान नहीं ने पर परमात्मा पार्वती पुराण पूजा प्यार प्रभु प्राप्त प्रेम बच्चे बच्चों बहुत बाद भक्ति भगवान शिव भी मन महादेव महादेव की महाशिवरात्रि माँ माना मीरा मुखी रुद्राक्ष मुखी रुद्राक्ष धारण मे में मैं मोना यदि यह या रहा रही है रुद्राक्ष को रुद्राक्ष धारण करने लाभ लेकिन वह वाले वे वो व्यक्ति शिव शिवरात्रि शिवलिंग सकता है सभी समय से सोमवार हम हर ही हुए हूँ है और है कि है तो हैं हो जाता है होता है होती होते होने life Lord Shiva love Mahadev Mona Mukhi Rudraksha person Shiva wearing

About the author (2023)

मोनिका गुप्ता उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर से एक कलाकार, शिक्षाविद् और अध्यापक हैं। उन्हें अबेकस और विजुअल आर्ट्स (पेंटिंग), संस्कृत, अंग्रेजी जैसे सभी कौशल आधारित कार्यक्रमों में बच्चों को शिक्षा प्रदान करने का कई वर्षों का अनुभव है। वह आर्टेक्स की संस्थापिका हैं जहाँ वह बच्चों और वयस्कों को कला और अबैकस की मूल बातें समझने और संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सहायता प्रदान करती हैं। इनका उद्देश्य छात्रों और शिक्षार्थियों को व्यावसायिक कौशल में आत्मविश्वास की दिशा में धीरे-धीरे परन्तु सतत अपना मार्ग खोजने में सहायता करना है। मोनिका जी को इंडिया स्टार बुक ऑफ रिकॉर्ड की तरफ से बेस्ट टीचर अवॉर्ड 2020 औऱ 2022 मिल चुका है। इन्होंने पैंटिंग इवेंट्स मे भाग लेकर 5 बार वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाया है उसमे गिनीस वर्ल्ड रिकॉर्ड भी सम्मिलित है। पेटिंग मे नेशनल लेवल पर गोल्ड भी जीत चुकी है। इनकी अब तक 25 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। 

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