मोना महादेव की: Mona Mahadev Kiमहादेव की होना ही अब मोना होना है - शिवोहम भाव अर्थात वो मैं हूँ का भाव अब जीवन का सारांश है। पुस्तक में मोना ने अपने जीवन में शिवोहम भाव पर अपने अनुभवो को बताने की कोशिश की है। आशा है आप लोग लेखिका के ईश्वर के प्रति भावो को समझने का और प्यार देने का प्रयास करेंगे। |
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