Aadhunik Jeewan Aur Paryavaran

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Prabhat Prakashan, Jan 1, 2009
आधुनिक जीवन और पर्यावरण

विज्ञान की अंधाधुंध दौड़, मनुष्य का अपरिमित लालच, तेजी से क्षत-विक्षत होने वाले प्राकृतिक संसाधन और प्रदूषण से भरा संसार कैसा चित्र उभारते हैं? जिस गति से हम विकास की ओर बढ़ रहे हैं, क्या उसी गति से विनाश हमारी ओर नहीं बढ़ रहा है? फिर नतीजा क्या होगा? मानवता के सामने यह एक विराट् प्रश्नचिह्न है । यदि इसका उचित समाधान कर लिया गया तो ठीक, वरना संपूर्ण जीव-जगत् एक विराम की स्थिति में खड़ा हो जाएगा । प्रश्नचिह्न या पूर्ण विराम! कौन-सा विकल्प चुनेंगे हम?

प्रस्तुत पुस्तक में इन्हीं कुछ महत्त्वपूर्ण प्रश्नों को सामने रखकर पाठकों से सीधा संवाद स्थापित करने की चेष्टा की गई है ।

पुस्तक स्वयं में बहुआयामी है परंतु इसकी सार्थकता तभी है जबकि पाठक इसमें उठाए गए बिंदुओं से मन से जुड़ जाएँ । यदि पर्यावरण हमारे चिंतन का केंद्रबिंदु है तब यह पुस्तक गीता-कुरान की भाँति पर्यावरण धर्म की संदेश वाहिका समझी जाएगी । हमारा विनीत प्रयास यही है कि पाठक आनेवाली शताब्दी की पदचाप को पूर्व सुन सकें और रास्ते के काँटों को हटाकर संपूर्ण जीव-जगत् के जीवन को तारतम्य और गति प्रदान कर सकें ।

 

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this book is verry good. we say - the book is sammery of Environment.
The enetinal stage and low knowledge pertion for essely understud the language?
Anand

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MGB

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Common terms and phrases

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About the author (2009)

दामोदर शर्मा, आई.ए.एस जन्म : 19 अगस्त, 1953 । शिक्षा : एमए. (राजनीतिशास्त्र), राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर (स्नातक परीक्षा में स्वर्ण पदक प्राप्त) । कार्यक्षेत्र एवं धारित पद : भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी, झालावाड़ एवं पाली में जिला कलेक्टर, निदेशक, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षी (राजस्थान) । सम्मान : वृक्ष मित्र पुरस्कार से सम्मानित । अभिरूचियाँ : पर्यावरण एव अंतरराष्ट्रीय राजनीति संबंधी अध्ययन एवं लेखन-कार्य, कई स्तरीय पत्रिकाओं में आलेखों का प्रकाशन, एक बालक एक वृक्ष अभियान के पुरोधा । संपादन एवं शिक्षण अनुभव : (अ) ' शिविरा ' एवं ' नया शिक्षक ' के प्रधान संपादक (1991) । (आ) भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन से पूर्व राजस्थान विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक/ प्रवक्ता । हरिश्चंद्र व्यास, आर.ई.एस जन्म : 16 मार्च, 1939 । शिक्षा : एम.ए. (राजनीति विज्ञान), एम.एड. (रिसर्च स्कॉलर) । कार्यक्षेत्र : अध्यापन पुरस्कार : लेखन और शिक्षण के लिए अनेक पुरस्कार प्राप्त । कृतियाँ : जनसंख्या प्रदूषण, मानव और पर्यावरण, जनसंख्या विस्फोट और पर्यावरण, पर्यावरण, असंतुलित पर्यावरण एवं विश्व, पर्यावरण एवं महिलाएँ पृथ्वी सौर कुकर कैसे ?, प्रौढ़ एवं पर्यावरण, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पर्यावरण, पर्यावरण शिक्षा, आधुनिक जीवन और पर्यावरण ।

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