Sāṅkhyatattvakaumudī

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Motilal Banarsidass Publishe, 2007 - Sankhya - 460 pages
Translation, with text, on Īśvarakr̥ṣṇaʼs Sāṅkhyakārikā and Vācaspatimiśraʼs Tattvakaumudī, aphoristic works on the basic tenets of Sankhya school in Hindu philosophy.
 

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अत अता अनुमान अन्य अपने अर्थात् अव्यक्त आत्मा आदि इति इन इस प्रकार उत्पन्न उस उसका एक एवं ऐसा और कर करण करता करते करना करने कहते हैं कहना कहा गया है का का अर्थ कारिका में कार्य काल किया किसी की कुछ के अनुसार के लिये के साथ को कोई क्या क्योंकि चाहिये जब जा सकता जाता है जो ज्ञान तथा तब तात्पर्य तो दृष्टि दृष्टि में दो द्वारा धर्म नहीं है नहीं होता ने पद पदार्थ पर भी परिणाम पाठ पुरुष के प्रकार के प्रकृति प्रधान प्रमाण बुद्धि भी भेद मत मन में भी यदि यह यहाँ या ये रूप से वह वाक्य वाचस्पति विशेष वे व्याख्या शब्द शरीर सकता है सकते सभी सांख्य सिद्ध स्वरूप हम ही ही है हुआ हेतु है और है कि है है है-यह हैं हो सकता होगा होता है होती होना होने के कारण होने पर

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